उत्तर प्रदेश पुलिस हमेशा से ही अपने अजब-गजब कार्यों के चलते चर्चा में बनी रहती है. अब देखिए भला जो पुलिस चोरों को दर-दर ढ़ूंढ़ कर उन्हें सबक सिखाया करती है वही चोर अब पुलिस के अड्डे पर आकर चोरी किए जा रहे हैं. इससे पहले की आगे की बात हो आप मामला समझ लीजिए. उत्तर प्रदेश का देवरिया जिला है जहां पुलिस की सबसे खास टीम एसओजी यानी की स्पेशल आपरेशन ग्रुप की गाड़ी पर चोरों ने हाथ साफ कर दिया. एसओजी पुलिस विभाग की वह टीम होती है जो पुलिस की रीढ़ मानी जाती है. जब पुलिस की अन्य टीमें किसी मामले का खुलासा कर पाने में विफल हो जाती हैं तो एसओजी ही पुलिस की लाज और लज्जा को बचाया करती है. ऐसा एसओजी ने कई बार किया भी है. इसी एसओजी टीम के सदस्यों ने अपनी सरकारी गाड़ी को देवरिया के कोतवाली परिसर में खड़ी कर रखी थी. सुबह जब टीम के सदस्य अपनी गाड़ी लेने पहुंचे तो कोतवाली से गाड़ी ही गायब नज़र आयी. सूचना फैलते ही हड़कंप मच गया. सारे अधिकारियों का जमावड़ा लग गया और उच्च स्तर की जांच शुरू कर दी गई.
हास्यास्पद बात तो ये है कि चोरों का हौसला कितना बुलंद है इसको आप यूं समझ लीजिए कि जानकारी जो सामने आयी है उसके मुताबिक चोरों ने जब एसओजी की बोलोरो गाड़ी पर हाथ साफ किया उसमें एक दरोगा जी सो रहे थे. गाड़ी में सोने वाले दरोगा जी का नया नया तबादला हुआ था वह शहर में नए थे. देर रात जब गाड़ी चुराने वाले लोग आए तो दरोगा से गाड़ी से उतर कर कहीं और सोने को कहा.
दरोगा ने उन्हें एसओजी का सदस्य समझा और खुद जाकर कहीं और सो गए चोर गाड़ी को लेकर रफूचक्कर हो गए. घटना की शुरूआती जांच में सीसीटीवी को खंगाला जा रहा है मगर अब तक कोई सुराग हासिल नहीं हो सका है. ये सारी बातें एक तरफ है लेकिन...
उत्तर प्रदेश पुलिस हमेशा से ही अपने अजब-गजब कार्यों के चलते चर्चा में बनी रहती है. अब देखिए भला जो पुलिस चोरों को दर-दर ढ़ूंढ़ कर उन्हें सबक सिखाया करती है वही चोर अब पुलिस के अड्डे पर आकर चोरी किए जा रहे हैं. इससे पहले की आगे की बात हो आप मामला समझ लीजिए. उत्तर प्रदेश का देवरिया जिला है जहां पुलिस की सबसे खास टीम एसओजी यानी की स्पेशल आपरेशन ग्रुप की गाड़ी पर चोरों ने हाथ साफ कर दिया. एसओजी पुलिस विभाग की वह टीम होती है जो पुलिस की रीढ़ मानी जाती है. जब पुलिस की अन्य टीमें किसी मामले का खुलासा कर पाने में विफल हो जाती हैं तो एसओजी ही पुलिस की लाज और लज्जा को बचाया करती है. ऐसा एसओजी ने कई बार किया भी है. इसी एसओजी टीम के सदस्यों ने अपनी सरकारी गाड़ी को देवरिया के कोतवाली परिसर में खड़ी कर रखी थी. सुबह जब टीम के सदस्य अपनी गाड़ी लेने पहुंचे तो कोतवाली से गाड़ी ही गायब नज़र आयी. सूचना फैलते ही हड़कंप मच गया. सारे अधिकारियों का जमावड़ा लग गया और उच्च स्तर की जांच शुरू कर दी गई.
हास्यास्पद बात तो ये है कि चोरों का हौसला कितना बुलंद है इसको आप यूं समझ लीजिए कि जानकारी जो सामने आयी है उसके मुताबिक चोरों ने जब एसओजी की बोलोरो गाड़ी पर हाथ साफ किया उसमें एक दरोगा जी सो रहे थे. गाड़ी में सोने वाले दरोगा जी का नया नया तबादला हुआ था वह शहर में नए थे. देर रात जब गाड़ी चुराने वाले लोग आए तो दरोगा से गाड़ी से उतर कर कहीं और सोने को कहा.
दरोगा ने उन्हें एसओजी का सदस्य समझा और खुद जाकर कहीं और सो गए चोर गाड़ी को लेकर रफूचक्कर हो गए. घटना की शुरूआती जांच में सीसीटीवी को खंगाला जा रहा है मगर अब तक कोई सुराग हासिल नहीं हो सका है. ये सारी बातें एक तरफ है लेकिन एसओजी की गाड़ी का गायब होना पुलिस और एसओजी की टीम दोनों की लापरवाहियों का नतीजा है.
जब कोतवाली का ये आलम है तो शहर का हाल तो खुदा ही जाने. एसओजी की गाड़ियां हर वक्त संसाधनों से लैस रहा करती है. ऐसे में गाड़ी का गायब हो जाना पुलिस पर दाग साबित हो रहा है. पुलिस अब किसी भी तरह गाड़ी की बरामदगी चाहती है ताकि वह अपना सम्मान बचा सके. उत्तर प्रदेश पुलिस कितनी संवेदनशील है और कितनी चुस्त है यह देवरिया की इस घटना ने साफ संदेश दे दिया है.
क्या जांच होती है किसकी गलती निकलती है सज़ा क्या मिलती है यह सब आगे की कहानी है फिलहाल तो उत्तर प्रदेश पुलिस की व्यवस्था की पोल-पट्टी खोलकर चोरों ने नया कारनामा कर ही दिखाया है. अब पुलिस कैसे उनको खोजती है और कैसै उनको सबक सिखाती है इसका भी इंतजार कर लेना चाहिए.
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