राज्यसभा में सचिन बना चुके हैं '22 रन', कोई ये ना सोचे कि खाता ही नहीं खुला
सचिन तेंदुलकर राज्यसभा में हंगामे की वजह से नहीं बोल सके तो उन्होंने अपनी बात लोगों तक पहुंचाने के लिए सोशल मीडिया का सहारा लिया और फेसबुक पर एक वीडियो पोस्ट कर दी.
-
Total Shares
पूर्व क्रिकेटर और सांसद सचिन तेंदुलकर को भले ही राज्यसभा में बोलने नहीं दिया गया हो, लेकिन उन्हें अपनी बात रखने से कोई नहीं रोक सका. सचिन तेंदुलकर ने अपनी बात लोगों तक पहुंचाने के लिए सोशल मीडिया का सहारा लिया और फेसबुक पर एक वीडियो पोस्ट कर दी. इस वीडियो में उन्होंने वह सब बोला, जो वह राज्यसभा में बोलना चाहते थे. सोशल मीडिया का इस तरह का इस्तेमाल वाकई काबिले तारीफ है. बहुत से लोगों को लगता है कि संसद में सचिन तेंदुलकर कुछ बोलते नहीं हैं. अगर आप भी ऐसा सोचते हैं तो आपको बता दें कि वह अब तक संसद में 22 सवाल पूछ चुके हैं. आपको बता दें कि गुरुवार को वह राइट टू प्ले यानी खेलने के अधिकार पर अपनी बात रखने वाले थे, लेकिन विपक्ष के हंगामे की वजह से बोल नहीं सके.
अभी तक संसद में ऐसा रहा है सचिन का सफर
27 अप्रैल 2012 से सचिन तेंदुलकर राज्यसभा में लोगों के प्रतिनिधि के तौर पर पहुंचे हैं. कई लोग यह भी कहते हैं कि इस समय के दौरान सचिन तेंदुलकर सिर्फ राज्यसभा में बैठे रहे हैं. लोगों की शिकायतों का जवाब हैं वो 22 सवाल, जो सचिन तेंदुलकर ने राज्यसभा में पूछे हैं. यह भी शिकायत की जाती है कि उन्हें किसी भी बहस में भाग लेते नहीं देखा. लोगों की यह शिकायत लाजमी है कि उन्होंने किसी बहस में भाग नहीं लिया. हो सकता है गुरुवार को अगर वह अपनी बात रख पाते तो शायद बहस में उनका खाता खुल जाता, लेकिन ऐसा नहीं हो सका.
prsindia.org के अनुसार सचिन तेंदुलकर ने ये 22 सवाल अभी तक पूछे हैं.
क्या बोले फेसबुक पर?
सचिन ने फेसबुक पर पोस्ट किए वीडियो में खेल और स्वास्थ्य पर बात की. संयुक्त राष्ट्र की एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि 2012-2030 के बीच बीमारियों की वजह से भारतीय अर्थव्यवस्था पर 4 करोड़ करोड़ रुपए (यानी 400 लाख करोड़ रुपए) का बोझ पड़ेगा. उन्होंने कहा है कि अगर हम नियमित रूप से कसरत करें और कोई खेल खेलें तो आसानी से बदल कुछ बदला जा सकता है. देश को एक प्लान के जरिए स्पोर्टिंग देश बनाना होगा.
राज्यसभा में सचिन के न बोल पाने पर जया बच्चन ने अपनी नाराजगी व्यक्त की थी. उन्होंने कहा था कि सचिन तेंदुलकर ने भारत के लिए वैश्विक स्तर पर लोकप्रियता पाई है. उन्हें बोलने नहीं देना शर्म की बात है. जया बच्चन ने नेताओं पर उंगली उठाते हुए यह भी कहा था कि क्या सिर्फ पॉलीटीशियन को ही बोलने का हक है. वहीं कांग्रेस की रेणुका चौधरी ने कहा है कि क्या भारत रत्न मिलने से बोलने का हक मिल जाता है? खैर, किसी की भी बातों की परवाह न करते हुए सचिन तेंदुलकर ने फेसबुक को अपना हथियार बनाकर अपनी बात कह दी है.
ये भी पढ़ें-
...तो क्या अब केवल डराने के लिए ही बची है CBI ?
आपकी राय